Health Rajasthan State Udaipur

गोवंश में लंपी स्किन रोग बचाव के लिए बेहद जरूरी है सावधानी और सतर्कता

यदि पशु को तेज बुखार ,त्वचा में सूजन व मोटी मोटी गिठान है ,आहार खाने में परेशानी, कमजोरी व दूध उत्पादन में कमी दिखाई दे रही है ,तो यह सभी लक्षण है गोवंश में चल रहे लंपी स्किन रोग के| बचाव एवं उपचार दोनों ही बेहद जरूरी है | यदि रोग के लक्षण किसी पशु में दिखाई दे तो उस पशु को अन्य पशुओं से अलग कर दें | तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सा संस्थान से संपर्क करें | रोगी पशु के चारा और पानी की व्यवस्था अलग बर्तनों में करें | पशु के आवास स्थान पर नीम के पत्तों को जलाकर मच्छर और मक्खियों को पशु से दूर रखें |पशु की आवास स्थानों पर यदि दीवारों में दरारें या छेद हैं तो उसमें या तो चूना भर दे या कपूर की गोलियां भी रखी जा सकती है |जिससे मक्खी मच्छर दूर रहें | पशु के आवास स्थान को कीटाणु रहित करने के लिए सोडियम हाइपोक्लोराइट के2 से3 प्रतिशत घोल का छिड़काव करें | यदि संक्रमित पशु की मृत्यु हो गई है तो गांव के बाहर लगभग 1.5 मीटर गहरे गड्ढे में चुने और नमक के साथ दबा दें |
इन सभी सावधानी के चलते रोगी पशु से अन्य पशुओं में यह संक्रमण फैलाने से बचाव करा जा सकता है|

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *