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उदयपुर के कुणाल को मिला राष्ट्रीय गौरव:राष्ट्रपति ने जेंटलमैन कैडेट परेड में किया सम्मानित, एनडीए में नहीं हुआ चयन तो इंजीनियरिंग के मार्फत जारी रखा जुनून

भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड शनिवार को देहरादून में हुई। रिव्यूइंग अफसर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जेंटलमैन कैडेट्स की सलामी ली। इस बार आईएमए से 387 जेंटलमैन कैडेट पासआउट हुए हैं, जिनमें से 319 बतौर अफसर भारतीय सेना से जुड़े। इस बार मित्र देशों के 68 जेंटलमैन कैडेट भी पासआउट हुए। परेड में उदयपुर के सज्जनगढ़ निवासी कुणाल चौबीसा भी पास आउट हुए है । इसके साथ ही कुणाल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी सम्मानित किया। जूनियर अंडर ऑफिसर कुणाल चौबीसा को टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स (टीजीसी) से मेरिट के क्रम में प्रथम आने वाले जेंटलमैन कैडेट के लिए रजत पदक प्रदान किया गया।

बचपन से ही सेना में शामिल होने का था जुनून
कुणाल चौबीसा ने आलोक स्कूल से पढ़ाई की। 12वीं के बाद एनडीए की परीक्षा भी दी थी, लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई। लेकिन सेना में शामिल होने का जुनून खत्म नहीं होने दिया। टेक्नो इंडिया में इंजीनियरिंग में प्रवेश लेने के साथ ही सेना में जाने की तैयारी जारी रखी। इंजीनियरिंग के साथ ही निजी क्षेत्र में डेढ़ साल तक जॉब की। इसी दौरान टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स (टीजीसी) में प्रवेश लिया। 9 महीने की ट्रेंनिग के बाद शनिवार को आईएमए से पास आउट हुए। इसके साथ भारत के राष्ट्रपति ने टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स से मेरिट के क्रम में प्रथम आने वाले जेंटलमैन कैडेट कुणाल को रजत पदक प्रदान किया।

इस बार परिजन शामिल पर सादगी से परेड आईएमए में कोरोनाकाल में यह चौथी पासिंग आउट परेड हुई है। इस साल जून में आयोजित पीओपी में परिजन शामिल नहीं हो पाए थे। इस बार परिजन शामिल हो पाएंगे। उन्हें अपने लाडलों के कंधे पर स्टार सजाने का मौका मिला। कुणाल के पिता इंदुशेखर चौबीसा और माता हिना चौबीसा ने अपने बेटे के कंधे पर स्टार सजाए। इस मौके पर कुणाल की बहन परिधि चौबीसा भी मौजूद थी। हालांकि सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन के चलते इस बार आयोजन को सादगी भरा रखा है।

11 दिसम्बर का दिन आईएमए देहरादून के इतिहास में एक और मील के पत्थर के रूप में दर्ज हो गया है। 149 रेगुलर कोर्स और 132 टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स के कुल 387 जेंटलमैन कैडेट्स आज पास आउट हुए। इनमें 319 भारतीय सेना में शामिल होंगे। 10 मित्र देशों के 68 जेंटलमैन कैडेट्स शामिल हैं। अकादमी ने अपने बहादुर पूर्व कैडेट जनरल बिपिन रावत, पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ को श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद परेड के समीक्षा अधिकारी के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। आईएमए में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर जेंटलमैन कैडेट्स को बधाई दी। पासिंग आउट परेड में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल रिटायर गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद थे।

 

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